नहीं घुस पायेगा कोई विधर्मी:तिरुपति मंदिर

तिरुपति बालाजी के पावन धाम में, जहां भक्त श्रद्धा और पवित्रता के साथ आते हैं, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से अब तीर्थयात्रियों की पहचान आधार प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी के माध्यम से की जाएगी.यह पवित्र पहल पारदर्शिता को और मजबूत करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि हर भक्त बिना किसी बाधा के भगवान के दर्शन कर सके.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार धार्मिक शुद्धता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम धोखाधड़ी को रोकने और सभी के लिए एक न्यायसंगत और सुव्यवस्थित तीर्थयात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए उठाया गया है. आधार अधिनियम की धारा 4(4)(b)(ii) के तहत, TTD आधार-आधारित सत्यापन का उपयोग करेगा. यह किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकते हुए, और यह सुनिश्चित करेगा कि केवल वास्तविक भक्त ही सेवाओं का लाभ उठाएं.
क्यों उठाया गया यह कदम?
TTD ने एक बयान में कहा यह दिव्य पहल न केवल दक्षता में सुधार करेगी बल्कि प्रोफ़ाइल निर्माण और बुकिंग सत्यापन को भी सरल बनाएगी. भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से यह कदम बिचौलियों के खतरे को समाप्त कर देगा, जिससे भक्तों और दिव्यता के बीच एक शुद्ध और अटूट बंधन को बढ़ावा मिलेगा.
यह कदम दर्शन, सेवा और आवास जैसी सेवाओं को और अधिक सुव्यवस्थित और परेशानी मुक्त बनाएगा. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का मानना है कि यह पहल सभी भक्तों के लिए एक पवित्र और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण तीर्थयात्रा अनुभव में योगदान देगी.
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