
गुजरात के देवभूमि द्वारका में 2 तारीख को श्रीनाथजी मंदिर के परिसर में पटाखे फोड़ने पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भड़क उठे। चार मुस्लिम व्यक्तियों ने एक हिंदू परिवार पर हमला कर दिया।
पुलिस ने हमलावरों की पहचान कर ली है, जिनमें मकसूद, तौसीफ, मोईन और फूलकंद शामिल हैं। हमलावरों का कहना था कि हिंदू परिवार रमजान के दौरान जश्न मना रहा था। इस घटना में एक नाबालिग समेत दो लोग घायल हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2), 117(2), 352 और 54 के साथ-साथ गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135(1) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, विपुल ठक्कर का भतीजा 20 तारीख की रात 10 बजे मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान बचे हुए पटाखों को फोड़ रहा था, जो मुस्लिम परिवार के लोगों को पसंद नहीं आया। इसके बाद मकसूद, मोईन और तौसीफ लाठी-डंडे लेकर मंदिर में घुस आए और मारपीट की।
धमकी और मारपीट हमलावरों ने हिंदू परिवार को पटाखे जलाने से मना किया और गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान फूलकंद नाम का एक चौथा व्यक्ति वहां आया, जिसके पास लकड़ी की छड़ी थी। मकसूद ने विपुल के बाएं हाथ पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया, जिससे विपुल का हाथ फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावरों ने धमकी दी कि यदि पटाखे जलाना जारी रखा तो उनके परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे और मंदिर बंद करवा देंगे।
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