
वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में नया आयकर बिल को पेश कर दिया है. नए आयकर कानून में प्रीवियस ईयर और असेसमेंट ईयर को खत्म कर दिया गया है, अब केवल टैक्स ईयर होगा.नए आयकर कानून को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है.
नए इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill) में क्या-क्या है, इसकी डिटेल्स सामने आई है. सबसे पहले बिल में टैक्स सिस्टम (Tax System) को आसान बनाने पर जोर दिया गया है. पुराने टैक्स कानून 1961 की जगह पर इसे लाया गया है. पुराने टैक्स कानून में कई सारे सेक्शन और सब सेक्शन दिए गए हैं. लेकिन न्यू इनकम टैक्स बिल में ज्यादातर सब-सेक्शन को खत्म किया गया है. वहीं न्यू इनकम टैक्स बिल को और आसान बनाने के लिए सरल भाषा का रखी गई है.
न्यू इनकम टैक्स बिल में अगल- अलग सेक्शन के तहत इनकम पर टैक्स देनदारी, टैक्स छूट, कटौती, जुर्माना और रिफंड जैसी चीजों को डिसक्राइब किया गया है. किस सेक्शन के तहत डिडक्शन का लाभ होगा, किसके तहत रिफंड और पेनल्टी के तौर पर कौन सा सेक्शन लागू होगा? इन सभी चीजों का जिक्र किया गया है. वहीं कैपिटल गेन पर टैक्स, प्रॉपर्टी पर टैक्स, इनकम पर टैक्स छूट के लिए नया टैक्स स्लैब… इसकी भी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं आम आदमी के लिए इस नए टैक्स बिल में क्या क्या है?
नया टैक्स स्लैब
-नए टैक्स बिल के तहत 4 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
-4 लाख 1 रुपये से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5% टैक्स लगेगा
-8 लाख 1 रुपये से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10% टैक्स लगेगा
-12 लाख 1 रुपये से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15% टैक्स लगेगा
-16 लाख 1 रुपये से 20 लाख रुपये तक की आय पर 20% टैक्स लगेगा
स्टैंडर्ड डिडक्शन
न्यू टैक्स बिल के तहत अगर आप एक सैलरीड हैं तो आपको पुराने टैक्स रिजीम के तहत 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा, लेकिन अगर आप न्यू टैक्स रिजीम सेलेक्ट करते हैं तो आपको 75000 रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया जाएगा.
पेंशन, एनपीएस और इंश्योरेंस पर भी छूट
न्यू इनकम टैक्स बिल के तहत पेंशन, NPS कंट्रीब्यूशन और इंश्योरेंस पर टैक्स डिडक्शन जारी रहेगा. रिटायरमेंट फंड, ग्रेच्युटी और पीएफ कंट्रीब्यूशन को भी टैक्स छूट के दायरे में रखा गया है. ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में निवेश पर भी टैक्स राहत दी जाएगी.
टैक्स चोरी पर जुर्माना
अगर कोई पर्सन टैक्स चोरी करता है तो उसपर जुर्माने का प्रावधान है. वहीं टैक्स चोरी के अलावा कोई अन्य भी गलत स्टेप उठाए जाते हैं तो उसपर भी जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही उस व्यक्ति के पास टैक्स नोटिस भी भेजा जा सकता है.
भारी जुर्माने का भी प्रावधान
जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों पर मुकदमा चलाया जा सकता है. टैक्स का भुगतान न करने पर अधिक ब्याज और पेनल्टी वसूला जा सकता है.आय छिपाने पर अकाउंट सीज और संपत्ति जब्त करने का भी अधिकार है.
एग्रीकल्चर इनकम पर टैक्स छूट
न्यू टैक्स बिल में कृषि आय को कुछ शर्तों के तहत कर-मुक्त रखा गया है. धार्मिक ट्रस्ट, संस्थाएं और दान में दी गई राशि पर कर छूट मिलेगी. साथ ही इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट को भी टैक्स से छूट दी गई है.
कैपिटल गेन टैक्स
अगर किसी की कमाई कैपिटले गेन में होती है तो उसे टैक्स देना होगा. शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के तहत 20 फीसदी का टैक्स देना होगा. जबकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के तहत 12.5 फीसदी का टैक्स लागू होगा.
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