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वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill 2024) विपक्ष के हंगामा के बीच…

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill 2024) विपक्ष के हंगामा के बीच पास हो गया। उसे राज्यसभा में पेश किया गया था। लोकसभा में विपक्षी विरोध पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि सरकार को कोई आपत्ति नहीं है यदि विपक्ष के असहमति नोट (Dissent Notes) को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट में जोड़ा जाए।

बिल पेश होने पर विपक्ष ने किया हंगामा, लगाया भेदभाव का आरोप

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। राज्यसभा में भी इस रिपोर्ट को पेश किया गया था, जहां विपक्ष ने आरोप लगाया कि उनकी असहमति टिप्पणियों (Dissent Notes) को हटाया गया है।

अमित शाह ने कहा: कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई है कि उनकी असहमति टिप्पणियां पूरी तरह से रिपोर्ट में शामिल नहीं की गई हैं। मेरी पार्टी की ओर से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यदि विपक्ष की आपत्तियों को संसदीय प्रक्रिया के तहत उचित तरीके से जोड़ा जाए तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Om Birla) ने इस मुद्दे पर कहा कि उन्होंने विपक्षी नेताओं से मुलाकात के बाद सभी असहमति टिप्पणियों को रिपोर्ट के परिशिष्ट में शामिल कर दिया है। उन्होंने कहा: वक्फ बोर्ड (Waqf Board) से जुड़े जो भी मुद्दे मेरे समक्ष रखे गए, उन्हें रिपोर्ट के अटैचमेंट में जोड़ा गया है। इसके बाद लोकसभा को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में किया विरोध

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने वक्फ संशोधन बिल की JPC रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें विपक्ष की असहमति टिप्पणियों को हटा दिया गया है। खड़गे ने कहा: JPC रिपोर्ट में विपक्ष के कई सदस्यों ने अपनी असहमति व्यक्त की थी। इन टिप्पणियों को हटाना अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। अगर रिपोर्ट में असहमति टिप्पणियां नहीं हैं तो इसे वापस भेजा जाना चाहिए और दोबारा पेश किया जाना चाहिए।

जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू का पलटवार

राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा (JP Nadda) ने विपक्ष के विरोध को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। नड्डा ने कहा: संसद में बहस और चर्चा का स्थान है लेकिन परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। विपक्ष का व्यवहार निंदनीय है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट में कुछ भी नहीं हटाया गया है। उन्होंने कहा: JPC की रिपोर्ट से कोई भी हिस्सा नहीं हटाया गया है। विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाकर सदन को गुमराह कर रहा है।

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