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फिर से ११६ लोग के साथ पहुंचा अमेरिका का एयर: डिपोट

अमेरिका का दूसरा सैन्य विमान शनिवार (16 फरवरी, 2025) को 116 प्रवासी भारतीयों को लेकर अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंड किया. अवैध प्रवास पर कड़ी कार्रवाई के तहत अमेरिका से दूसरा जत्था भारत पहुंचा है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि 116 लोगों में किस राज्य से कितने लोग हैं.

बीते शनिवार को ही पंजाब सीएम भगवंत मान ने अमृतसर एयरपोर्ट का दौरा कर कहा था कि उनकी सरकार ने निर्वासित लोगों के दूसरे जत्थे में शामिल पंजाब के लोगों को उनके गृहनगर ले जाने की व्यवस्था की है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि 157 निर्वासित लोगों को लेकर अमेरिका से तीसरा जत्था रविवार (16 फरवरी, 2025) को लैंंड कर सकता है.

किस राज्य से कितने लोग?

अधिकारियोंं की मुताबिक, शनिवार को भारत आए 116 लोगों में 67 पंजाब और 33 हरियाणा से हैं. आठ गुजरात, तीन उत्तर प्रदेश, दो-दो, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से और एक-एक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से हैं. सूत्रों ने बताया कि अवैध भारतीय प्रवासियों के दूसरे समूह में चार महिलाएं और दो नाबालिग हैं, जिनमें छह साल की एक बच्ची भी शामिल है.

5 फरवरी को आया था पहला जत्था

5 फरवरी, 2025 को भारतीय निर्वासितों को लेकर अमेरिकी एयरफोर्स का पहला विमान अमृतसर पहुंचा था, जिसमें कुल 104 भारतीय नागरिक थे. इनमें से कई निर्वासितों ने ये दावा किया था कि अमेरिका से अमृतसर पहुंचने की पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैरों में हथकड़ी लगी रही, जिसे सीधा अमृतसर में लैंड करने के दौरान ही खोला गया था. हाथ-पैरों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगाने से पूरे देश में आक्रोश फैल गया. यहां तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वाशिंगटन दौरे के दौरान इस मुद्दे को उठाने की मांग भी की.

विपक्ष हुआ था हमलावर

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया था कि भारतीय अप्रासियों के साथ कचरे से भी बदतर व्यवहार किया गया. वहीं पंजाब सीएम भगवंत मान ने भी भारतीय निर्वासितों को पंजाब में लैंड कराने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. पंजाब सीएम ने कहा था कि अमृतसर, जैसे पवित्र शहर को निर्वासन केंद्र न बानाया जाए. देश में कई एयरबेस हैं और विमान को उनमें से किसी पर भी उताया जा सकता है.

(इस खबर को अभिनव भारत न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह न्यूज डिजिटल मीडिया के माध्यम से सीधे प्रकाशित की हुई है(www.abhinavbharatnews.com)

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