
मीडिया से बात करते हुए वाड्रा ने कहा कि वे दुख प्रकट करते हैं. उन्होंने आतंकवादी हमले के बारे में कहा कि यह अटैक बेहद निंदनीय है. उन्होंने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वे घायलों की मदद के लिए तैयार हैं. उन्होंने आगे कहा कि आतंकवादी हमले के जरिए अपनी बात रखना बहुत ही कमजोर तरीका है.
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बयान में अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा,
मेरा अनुभव है चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान हो या सिख हो या ईसाई, मैं उनकी बात हमेशा बुलंद करता हूं. मुसलमानों के साथ जो गलत हो रहा है. जब वे अपनी प्रार्थना करते हैं और अगर जामा मस्जिद में करते हैं, और अगर बड़ी तादाद में लोग होते हैं, उनको बाहर रोड पर आना पड़ता है, तो उनको रोक दिया जाता है. छतों पर रोक दिया जा रहा है कि आप यहां प्रार्थना नहीं कर सकते. मस्जिदों का सर्वे, कोई मूर्ति मिल जाए या कुछ भी ऐसे हो जाए जो संभल वगैरह में हो रहा है.
उन्होंने आगे कहा,
अगर आप बाबर या औरंगजेब की बात करते हैं तो मॉइनारिटी को दुख महसूस है. धर्म और राजनीति को मेरे ख्याल से जरूर अलग होना चाहिए. क्योंकि जब भी यह होगा तो मुझे लगता है कि जो यह आतंकवाद का अटैक हुआ है, वह होगा. क्योंकि उन्होंने ID देखने के बाद चुना कि किसे मारना है, और किसे नहीं.
रॉबर्ट वाड्रा आगे कहते हैं,
उनकी सोच है कि मुसलमानों को दबाया जा रहा है. मैं उसके बिल्कुल खिलाफ हूं, बिल्कुल खिलाफ हूं, और मुझे पता है हमारी जो फोर्सेज हैं, वो एकजुट होंगी और उनको और ज्यादा ताकत मिलेगी. वो आगे जाकर बॉर्डर संभाले और कार्रवाई करें. हम एकजुट होना होगा, सेक्युलर होना होगा.
उन्होंने आगे कहा कि जब देश में धर्म और राजनीति को मिलाया जाता है, तभी ऐसी घटनाएं बढ़ती हैं. वाड्रा के मुताबिक, अगर हम अल्पसंख्यकों को दबाएंगे, तो कुछ कट्टरपंथी ताकतें इसे हथियार बनाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल करेंगी.
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा,
दुख की इस घड़ी में भी गांधी परिवार को मुसलमान दिखता है. कांग्रेस की इसी मानसिकता ने आज देश में नफरत का पौधा अंकुरित कर दिया है. भारत सनातन धर्म के कारण ही कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है. भारत माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में मजबूत व कामयाब है और होगा ही. आतंकवादी व उनके संरक्षक मारे जाएंगे.
निशिकांत ने कहा भारत के बाहर बैठे दुश्मन और मुसलमानों को भड़काने वाले देश के अंदर के दुश्मन नेस्तनाबूद होंगे.
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