
यह महत्वाकांक्षी हरित ऊर्जा परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित एक प्रमुख पहल है.
आग लगने की घटना भाठीवाड़ा गांव में रात करीब 9 बजे हुई और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से पूरे संयंत्र स्थल पर फैल गई. सौर पैनल, ट्रांसफार्मर और केबल सहित सभी उपकरण पूरी तरह से जल गए. अधिकारियों के मुताबिक, संयंत्र की लगभग 95 प्रतिशत सामग्री नष्ट हो गई है.
आग बुझाने में आई मुश्किलें
आग की सूचना मिलते ही एनटीपीसी के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग इतनी विकराल रूप धारण कर चुकी थी कि उसे तुरंत नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था. दाहोद और आसपास के जिलों से दमकलकर्मियों ने पूरी रात आग बुझाने का प्रयास किया. कुछ प्रगति हुई है, लेकिन साइट पर मौजूद अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग कई बार फिर से भड़क उठी, जिससे आग पर काबू पाने के प्रयासों में जटिलता आ गई है.
स्थानीय लोगों और परियोजना के बीच तनाव के कारण अधिकारियों को आग लगने में गड़बड़ी का संदेह है. दिन में संयंत्र पर पत्थरबाजी हुई थी जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए थे. सीसीटीवी फुटेज में हमलावर कैद हुए हैं और पुलिस ने तोड़फोड़ की जांच शुरू की है. ग्रामीणों ने दो दिन पहले निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में काम फिर से शुरू हुआ था. एनटीपीसी ने पहले ही पुलिस तैनाती का अनुरोध किया था. आग के सही कारण का अभी तक पता नहीं चला है.
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