8 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में 2 दोषियों को सजा-ए-मौत, कोर्ट ने कहा- ऐसा कुकृत्:बिहार

आठ साल की दलित बच्ची को बहला-फुसला कर नहर के किनारे कोशी कॉलोनी के खंडहर में ले जाकर दुष्कर्म के बाद गमछा से गला दबाकर हत्या किये जाने और साक्ष्य छिपाने के लिये से एस्बेस्टस से शव ढक देने के मामले में शनिवार को फैसला आया।
इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सैयद मो. फजलूल वारी की अदालत ने पूर्व से दोषी करार जयनगर थाना क्षेत्र के बलडीहा गांव निवासी सुशील राय एवं परसा गांव के निवासी ओम कुमार को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
धारा 302/34 के तहत मृत्युदंड की सजा दी गई है। जबकि धारा 366(ए) के तहत दस दस वर्ष की सजा, 376(डी)/34 के तहत आजीवन कारावास, 201/34 के तहत सात-सात वर्ष की सजा, पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन एवं हरिजन अत्याचार अधिनियम के तहत भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
साथ ही दोनों दोषियों पर अलग अलग 1.55 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेशित किया गया है कि दोषियों द्वारा जमा की जाने वालीं जुर्माना की राशि मृत पीड़िता के परिजन को मिलेगी। साथ ही मृतका के परिजनों को आठ लाख रुपए मुआवजा राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देने का निर्देशित किया है।
अदालत ने सजा सुनने के वक्त कहा कि 18 साक्षियों का साक्ष्य है। एफएसएल की रिपोर्ट है। ऐसा कुकृत्य समाज के लिए धब्बा है। मृतका दलित जाति से एवं असहाय थी। यह अमानवीय एवं नृशंस हत्या है। यह रेयर एवं रेयरेस्ट के दायरे में आता है। विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने न्यायालय से मृत्यु दंड देने की मांग की।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि घटना 22 जून 2023 की शाम चार बजे की है। बच्ची अपने घर के बगल में खेल रही थी। उसी दौरान दोषी बच्ची को खाने पीने की चीज दिलाने के बहाना से दो अन्य बच्चियों के साथ ले गया।
दो बच्चियों को चाट खरीदाकर वापस भेज दिया एवं पीड़िता बच्ची को नहर किनारे कोशी कॉलोनी में खंडहर में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के चिल्लाने पर गमछा से गला खींचकर दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
साक्ष्य छिपाने के लिये एस्बेस्टस के तले शव को रख दिया। मृतका के पिता अपनी पुत्री को काफी खोज रहे थे मगर वह नहीं मिली। अगल बगल के लोगों ने बताया कि बच्ची को दोषी के साथ जाते हुए देखा है।
23 जून को अगल बगल के लोगों ने दोषी सुनील और ओम को पकड़ लिया एवं पीड़िता के संबंध में पूछताछ की। पुलिस भी आ गई एवं पुलिस द्वारा दबिश देने पर दोनों दोषियों ने अपने द्वारा की गई घटना को स्वीकार कर लिया एवं पुलिस को घटनास्थल दिखलाया, जहां से बच्ची की लाश बरामदगी हुई।
मृतक पीड़िता के पिता ने दोषियों के विरुद्ध जयनगर थाना में कांड संख्या 277/23 दर्ज करवाया। पुलिस ने अनुसंधान करते हुए 6 सितंबर, 2023 को दोनों दोषियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया।
न्यायालय द्वारा 23 सितंबर 2023 संज्ञान एवं सात अक्टूबर 2023 को दोनों दोषियों के विरुद्ध आरोप गठित किया गया। दोषियों में ओम कुमार पिकअप का चालक था, जबकि सुनील राय बेरोजगार है।
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