
चांगोदर पुलिस ने बताया, हत्यारे तक पहुंचने के लिए 6 टीम बनाकर 40 से अधिक सीसीटीवी खंगाले गए थे. बावला-सरखेज हाइवे स्थित रसमधुर कंपनी की जगह में पतरे के शेड में रहने वाले 100 से अधिक मजदूरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी. एफएसएल के साथ डॉग स्क्वॉड की टीम जांच में शामिल हुई थी. जिसके बाद डॉग स्क्वॉड के ओरियो ने बच्ची के पास से मिले हुए एक कपड़े की गंध की मदद से 30 साल के आरोपी रविंद्र मोजिसाव तक पुलिस को पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की. ओरियो ने जब पुलिस को रवींद्र तक पहुंचाया तो पुलिस के सवालों से वह खुद को नहीं बचा पाया और उसने ही बच्ची की हत्या करने की बात का स्वीकार कर लिया.
आरोपी रविंद्र मूल बिहार के गया का रहने वाला है. दो महीने पहले ही रविंद्र अहमदाबाद आया था. आरोपी रविंद्र का परिवार बिहार के गया में रहता है. रविंद्र अहमदाबाद आकर मजदूरी काम ही करता था. 7 अप्रैल के दिन आरोपी ने बच्ची की हत्या की. उससे पहले उसने देखा था कि बच्ची अपने घर के पास अकेली खेल रही है, तो बच्ची को बिस्किट देने के बहाने पास बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी. लेकिन बच्ची रोने और चिल्लाने लगी तो रविंद्र डर गया औरसिर पर ईंट मारकर मासूम की हत्या कर दी थी.
बता दें कि चांगोदर पुलिस स्टेशन में 7 साल की बच्ची की हत्या और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने की एफआईआर दर्ज हुई थी. जिसके मुताबिक, मूल रूप से मध्यप्रदेश की रहने वाली महिला अपने परिवार के साथ चांगोदर में रहती थी. महिला खुद मजदूरी काम किया करती थी. जब वह बच्ची को छोड़कर काम पर गई और शाम को लौटी थी तो 7 साल की बच्ची घर में नहीं मिलने पर आसपास में उसे खोजना शुरू किया था. जिसके बाद बच्ची की लाश खून से लथपथ हालत में घर से कुछ दूरी पर मिली थी. मामले की जानकारी मिलते ही चांगोदर पुलिस ने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू की थी.
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