
गुजरात में अब धोखाधड़ी पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं को पुलिस थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पीड़ित ऑनलाइन ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। नागरिक-केंद्रित पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दो पोर्टल- आई-प्रगति और ‘तेरा तुझको अर्पण’ लॉन्च किए।
पोर्टल साइबर अपराध रिफंड के संबंध में शिकायतें दर्ज कराने के लिए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने फ्रीज किए गए बैंक खातों को खोलने का अनुरोध करने के लिए एक एप लॉन्च किया।
वर्तमान में, जांच के हर चरण में फॉर्म भरने की आवश्यकता होती है, जैसे कि एफआईआर दर्ज करने, पंचनामा बनाने, आरोपी को गिरफ्तार करने और चार्जशीट दाखिल करना आदि। ई-गुजकॉप सिस्टम के एक हिस्से आई-प्रगति (स्वचालित रूप से उत्पन्न सटीक और समय पर सूचना के माध्यम से जांच प्रगति रिपोर्ट) पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ता को इन चार प्रमुख चरणों में से किसी एक के पूरा होने पर एसएमएस प्राप्त होगा। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, शिकायतकर्ता को जांच की प्रगति के बारे में पूरी जानकारी मिलती रहेगी।
धन वापसी में तेजी लाएगा तेरा तुझको अर्पण पोर्टल
‘तेरा तुझको अर्पण’ पोर्टल साइबर अपराध में अपना पैसा गंवाने वाले नागरिकों को मुख्य रूप से लोक अदालतों के माध्यम से धन वापसी में तेजी लाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह पोर्टल रिफंड प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करके और साइबर अपराध समाधान की समग्र दक्षता में सुधार करके नागरिकों और पुलिस स्टेशनों को लाभान्वित करेगा।
व्यक्तिगत रूप से थाने जाए बिना शिकायतकर्ता बैंक खाते अनफ्रीज कराने का अनुरोध कर सकेंगे
सीएम ने फ्रीज किए गए बैंक खातों को अनफ्रीज करने के लिए ऑनलाइन सबमिशन के लिए डिजाइन किया गया एक और एप्लिकेशन लॉन्च किया। जब साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन वित्तीय अपराध से संबंधित शिकायत की जाती है, तो धोखाधड़ी से प्राप्त धन के डायवर्जन को रोकने के लिए एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से आरोपी व्यक्ति के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया जाता है। यह नया एप्लिकेशन भारत के किसी भी राज्य के आवेदकों को व्यक्तिगत रूप से जाने के बिना गुजरात पुलिस से अपने बैंक खातों को अनफ्रीज करने का अनुरोध करने की अनुमति देता है।
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