
गुजरात ATS द्वारा सोमवार की सुबह भारतीय कोस्टगार्ड को इनपुट दिया गया कि IMBL के पास देर रात एक संदिग्ध बॉट देखी गई है। जैसे ही बॉट में सवार लोगों को किसी के होने की भनक लगी, उन्होंने सारा ड्रग्स पानी में फेंक दिया और सीमा क्रॉस करके भाग गए। समुद्र में सीमा का एक अलग जंजाल है; तस्कर भारतीय सीमा के थोड़े ही अंदर घुसे और ड्रग्स पानी में फेंककर वापस भाग गए। हालांकि, इंटरसेप्टर बोट ने पानी में फेंके गए ड्रग्स को पकड़ लिया।
इसको लेकर गुजरात ATS के DYSP सुनील जोशी ने बताया कि ड्रग तस्कर अरब सागर के रास्ते इसे भारत में घुसाने की फ़िराक में थे। हालांकि गुजरात ATS और कोस्ट गार्ड से सामना होते ही उन्होंने ड्रग्स को समुद्र में फेंक दिया और मौके से भाग खड़े हुए। यह पूरी घटना 12-13 अप्रैल रात की है।
गुजरात एटीएस के मुताबिक यह ड्रग मेथामफेटामिन हो सकती है। गुजरात ATS इसकी जांच कर रही है। दरअसल गुजरात ATS को ख़ुफ़िया सुचना मिली थी की पाकिस्तानी ड्रग स्मगलर फ़िदा 500 किलो ड्रग लेकर 10 अप्रेल को अंतरर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से गुजरात में ड्रग्स घुसाने का प्रयास करेगा। ATS ने फौरन इसकी सूचना भारतीय कोस्ट गार्ड को दी। दोनों ने साझा ऑपरेशन के तहत IMBL के पास गश्त लगानी शुरू की। इस दौरान उन्हें एक संदिग्ध नाव मिली।
ऑपरेशन सागर मंथन शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन के तहत NCB अधिकारी, भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और गुजरात ATS ड्रग तस्करी पर नजर रखती है। अरब सागर में पकड़ी गई 300 किलोग्राम ड्रग्स इस ऑपरेशन की 13वीं बड़ी कामयाबी है। ऑपरेशन सागर मंथन के अंतर्गत अभी तक 3,400 किलोग्राम ड्रग्स बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने ड्रग तस्करी करने वाले 11 ईरानी और 14 पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया ह। साथ ही इसके पहले 173 किलो ड्रग्स तस्करी में भी इसी पाकिस्तानी ड्रग स्मगलर फ़िदा का नाम सामने आया था।
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