
चार माह पहले घर से प्राइवेट नौकरी करने के लिए गुजरात गये युवक की गुजरात में ही उसके कमरे में संदिग्ध दशा में फांसी से लटकता शव मिला। गुजरात में ही शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शव गाँव आने पर कोहराम मच गया।
थाना क्षेत्र के मंगरौल गाँव निवासी रामायण प्रसाद आदिवासी का बड़ा बेटा 32 वर्षीय संजय कुमार आदिवासी चार महीने पहले प्राइवेट नौकरी करने के लिए गुजरात के सिलवासा जनपद की एक कंपनी में गया था। दो दिन पूर्व होली की रात कंपनी से लगे संजय के कमरे में फांसी पर लटकता उसका संदिग्ध शव मिला। घटना की जानकारी कंपनी द्वारा संजय के परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही संजय की पत्नी और एक मासूम बेटे व बेटी सहित पूरे परिवार में कोहराम मच गया। रविवार सायं शव गाँव पहुचते ही संजय के परिजनों, मित्रों व नात रिश्तेदारों का रो रो कर बुरा हाल था। संजय की पत्नी सीमा मांडा के मंगरौल गाँव स्थित अपने ससुराल में ही दो मासूम बच्चों के साथ रहती है। घटना की जानकारी पर सीमा के मिर्जापुर जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र के पतुलखी गाँव से उसके मायके वाले भी रोते बिलखते आ गए। संजय की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर गाँव में तरह तरह की चर्चाएं और आकलन जारी है। संजय तीन भाइयों में बड़ा और परिवार का इकलौता कमाऊ युवक था। उसके मौत से पूरा परिवार काफी स्तब्ध और दुखी है।
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