
राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना बनाई है। इनमें 430 किमी लंबा नमो शक्ति एक्सप्रेसवे और 680 किमी लंबा सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
ये परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
- नमो शक्ति एक्सप्रेसवे
लंबाई: 430 किमी
लागत: ₹39,120 करोड़
रूट: दीसा (बनासकांठा) से पीपावाव
फायदा: औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे
लंबाई: 680 किमी
लागत: ₹57,120 करोड़
रूट: सोमनाथ से द्वारका
फायदा: धार्मिक पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- निर्माण का शेड्यूल
6 महीने में सड़क संरेखण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
1 साल में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी।
DPR के बाद निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
- कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
नए एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाएगा।
भारतमाला परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और बेहतर सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा।
- सरकार का निवेश और बजट आवंटन
गुजरात सरकार ने ₹50,000 करोड़ के विकसित गुजरात कोष में से ₹520 करोड़ आगामी वित्तीय वर्ष में एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किए हैं।
नए एक्सप्रेसवे गुजरात के आर्थिक और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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