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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का एक्स-4 (Axiom 04) मिशन, जो 8 जून, 10 जून और 11 जून को टाला जा चुका है. लॉन्च की अगली तारीख अब स्पेसएक्स की टीम बताएगी. पहले मौसम वजह बना, फिर LOX लीकेज.जिसकी वजह से बार-बार देरी का सामना कर रहा है. आइए समझते हैं कि LOX क्या है? क्यों लीक होता है? इसका उपयोग क्या है? LOX क्या है?
LOX का मतलब लिक्विड ऑक्सीजन (Liquid Oxygen) है. यह ऑक्सीजन का एक रूप है, जो बहुत कम तापमान (-183 डिग्री सेल्सियस) पर तरल अवस्था में होता है. अंतरिक्ष मिशनों में LOX रॉकेट इंजनों को चलाने के लिए ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह ऑक्सीजन प्रदान करता है, जो रॉकेट के ईंधन (जैसे केरोसिन या हाइड्रोजन) को जलाने के लिए जरूरी है.
LOX का मुख्य उपयोग रॉकेट इंजनों में ऑक्सीडाइजर के रूप में होता है. जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो LOX और ईंधन को मिलाकर जलाया जाता है, जिससे बहुत ज्यादा ऊर्जा पैदा होती है. रॉकेट ऊपर उठता है. LOX के बिना रॉकेट इंजन काम नहीं कर सकते, क्योंकि ऑक्सीजन की जरूरत होती है ईंधन को जलाने के लिए. उदाहरण के लिए…
फाल्कन 9 रॉकेट: स्पेसएक्स का फाल्कन 9 रॉकेट LOX और RP-1 (रिफाइंड पेट्रोलियम) का इस्तेमाल करता है.
स्पेस शटल: नासा के स्पेस शटल्स LOX और हाइड्रोजन का इस्तेमाल करते थे.
एक्स-4 मिशन में LOX लीकेज की समस्या 11 जून 2025 को सामने आई, जब लॉन्च से कुछ घंटे पहले फाल्कन 9 रॉकेट में LOX लीकेज की रिपोर्ट मिली. इसकी वजह से लॉन्च को टालना पड़ा. यह समस्या स्पेसएक्स के लिए नई नहीं है, क्योंकि पहले भी LOX लीकेज की घटनाएं हुई हैं…
LOX लीकेज एक गंभीर समस्या है, जो अंतरिक्ष मिशनों को प्रभावित कर सकती है. एक्स-4 मिशन में यह समस्या लॉन्च को टालने का कारण बनी, लेकिन स्पेसएक्स और नासा की टीमें इसे ठीक करने पर काम कर रही हैं. LOX रॉकेट इंजनों के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी लीकेज से सुरक्षा और मिशन की सफलता पर असर पड़ता है. आने वाले समय में, इन समस्याओं को दूर करने के लिए और तकनीकी सुधार किए जाएंगे.
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