
सोने की तस्करी देश में एक संगठित क्राइम का हिस्सा बन चुकी है और इसमें शामिल गिरोह नए नए तरीके अपनाकर जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं.
सोना छिपाकर लाने का तरीका..
असल में अधिकारियों के मुताबिक यह मामला विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सामने आया. डीआरआई की टीम ने बैंकॉक से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे एक संदिग्ध यात्री को जांच के लिए रोका. जब उसकी गहन तलाशी ली गई तो उसके जूतों में बारीकी से छिपाकर रखा गया 6.7 किलोग्राम सोना मिला. इस सोने की बाजार में अनुमानित कीमत 6.3 करोड़ रुपये है. इतनी बड़ी मात्रा में सोना छिपाकर लाने का तरीका देखकर अफसर भी हैरान रह गए.
विशेष गिरोह के कहने पर
पूछताछ के दौरान आरोपी यात्री ने खुलासा किया कि यह सोना वह एक विशेष गिरोह के कहने पर भारत लेकर आया था और मुंबई में एक व्यक्ति को सौंपने वाला था. डीआरआई ने तत्परता दिखाते हुए बताए गए संभावित खरीदार को भी ट्रैक कर उसे गिरफ्तार कर लिया. अधिकारी इसे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट से जुड़ा मामला मान रहे हैं.
नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला है और इसमें और कौन कौन शामिल हो सकता है. डीआरआई की इस कार्रवाई को सोने की तस्करी पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.
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