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राजस्‍थान के उदयपुर में पूर्व राजपरिवार के सदस्य व महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनकी पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का गद्दी उत्सव आज 2 अप्रेल 2025 को सिटी पैलेस में हो रहा है।

उदयपुर में चैत्र शुक्ल पंचमी के शुभ अवसर पर हो रहे गद्दी उत्सव में 350 वर्षों से चली आ रही अनुष्ठान परंपरा के तहत कुलगुरु द्वारा विधिवत रूप से रस्में निभाई जा रही हैं।

उदयपुर गद्दी उत्सव की रस्में और तैयारियां

गद्दी उत्सव को लेकर सिटी पैलेस में विशेष तैयारियां की गई हैं। उत्सव में कई प्रतिष्ठित हस्तियों के शामिल होने की संभावना है, जिन्हें निमंत्रण भेजे गए हैं। इस दौरान पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाओं के लिए पारंपरिक सफेद पोशाक अनिवार्य रखी गई है।

गद्दी उत्सव उदयपुर 2025 कार्यक्रम

सुबह 9:30 से 1:30 बजे तक सिटी पैलेस में गद्दी उत्सव का आयोजन।
दोपहर 3:15 बजे सिटी पैलेस में नोपति अश्व पूजन।
शाम 4:20 बजे कैलाशपुरी स्थित एकलिंगनाथ मंदिर के दर्शन।
शाम 7 बजे हाथीपोल द्वार का पूजन।
रात 8:15 बजे सिटी पैलेस में रंग पलटाई रस्म।
रात 9 बजे जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन।

राजपरिवार की परंपरा और विरोध के स्वर

उल्लेखनीय है कि 16 मार्च 2025 को अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हुआ था। इसके बाद, गद्दी उत्सव के तहत उनके पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ पारिवारिक जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, इस आयोजन को लेकर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने आपत्ति जताई है।

संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह मेतवाला ने इस आयोजन को गद्दी उत्सव मानने से इनकार किया और कहा कि परंपरा के अनुसार गद्दी दस्तूर 25 नवंबर 2024 को चित्तौड़गढ़ दुर्ग में विश्वराज सिंह के लिए किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसी निजी आयोजन को गद्दी उत्सव कहना परंपरा के विरुद्ध और अनुचित है।

अरविंद सिंह मेवाड़ का जीवन परिचय (Arvind Singh Mewar Biography In Hindi )

उदयपुर के प्रतिष्ठित पूर्व महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को गद्दी सौंपी जा रही है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसमें औपचारिक रूप से उत्तराधिकारी को परिवार की संपत्ति और परंपराओं की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। आइए जानते हैं अरविंद सिंह मेवाड़ से जुड़ी अहम बातें।

  1. कौन थे अरविंद सिंह मेवाड़?

राजघराने से ताल्लुक रखने वाले अरविंद सिंह मेवाड़ का जन्म 13 दिसंबर 1944 को उदयपुर के सिटी पैलेस में हुआ था। वे उदयपुर के पूर्व महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ और राजमाता सुशीला कुमारी के छोटे पुत्र थे। वे महाराणा प्रताप के प्रत्यक्ष वंशज थे और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। उन्हें सम्मानपूर्वक “श्रीजी हुजूर” के नाम से भी जाना जाता था।

  1. अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति (Arvind Singh Mewar Property)

अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी संपत्ति 10 हजार करोड़ से लेकर 50 हजार करोड़ रुपये तक आंकी गई है। हालांकि, यह संपत्ति पारिवारिक विवादों और कानूनी मामलों में भी उलझी रही है।

  1. अरविंद सिंह मेवाड़ की शिक्षा

स्कूली शिक्षा: अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से।
स्नातक: उदयपुर के महाराणा भूपाल कॉलेज से कला (Arts) में ग्रेजुएशन।
विशेष शिक्षा: UK स्थित सेंट एल्बंस मेट्रोपॉलिटन कॉलेज से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई।

  1. अरविंद सिंह मेवाड़ की उपलब्धियां

वे एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे, जिसने उदयपुर को एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने में योगदान दिया।
वे महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ट्रस्ट, महाराणा मेवाड़ ऐतिहासिक प्रकाश ट्रस्ट और राजमाता गुलाब कुंवर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।
डेस्टिनेशन वेडिंग के जनक: उदयपुर को डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने का श्रेय उन्हें जाता है। आज उदयपुर में दुनिया के बड़े सेलेब्रिटी और उद्योगपतियों की शादियां होती हैं, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ हुआ है।
अमेरिका में कुछ समय तक उन्होंने नौकरी भी की, लेकिन बाद में अपनी जड़ों की ओर लौटकर परिवारिक धरोहर को संभाला।

(इस खबर को अभिनव भारत न्यूज की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह न्यूज डिजिटल मीडिया के माध्यम से सीधे प्रकाशित की हुई है.
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