
रांची के कांके थाना क्षेत्र में कांके चौक के पास पूर्व जिला परिषद सदस्य सह बीजेपी नेता अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना को अंजाम देने के बाद भाग रहे अपराधी का रांची पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ.
जिसमें रोहित वर्मा नाम का अपराधी घायल हो गया. इस घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अनिल टाइगर को गोली मारने के बाद रोहित वर्मा अपने एक अन्य साथी के साथ भाग रहा था.
जिसके बाद पिठौरिया के पास ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया, हालांकि इसके बावजूद भी वह ग्रामीण के चंगुल से भगाने में सफल रहा. तब तक रांची पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और अपराधी का पीछा करना शुरू किया. जिसके बाद अपराधी ने पुलिस की टीम पर फायरिंग की इस दौरान रांची पुलिस के द्वारा भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में रोहित वर्मा नाम के अपराधी को गोली लगी. जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया वहीं दूसरा अपराधी भागने में सफल रहा.
अपराधियों ने अनिल टाइगर की हत्या की घटना को अंजाम प्रतिशोध में दिया है. उल्लेखनीय है कि बीते 14 जनवरी को लोहरदगा जिले के कुड़ू बस स्टैंड में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी हुई थी. इस फायरिंग में एक कुख्यात अपराधी की मौके पर मौत हो गई थी. मारे गए अपराधी की पहचान सुभाष जायसवाल उर्फ छोटू के रूप में हुई थी. इसका नाम रांची के पंडरा में 13 लाख रुपए की लूट और फायरिंग मामले में आया था. रोहित वर्मा सुभाष जायसवाल का काफी करीबी था. उसे शक था,कि अनिल टाइगर के कहने पर ही सुभाष जायसवाल की हत्या की गई है. जिसके बाद वह एक सुनियोजित साजिश के तहत अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी.
पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर राजनीतिक रूप से भी काफी सक्रिय रहे थे. आजसू और भाजपा के लिए सक्रिय राजनीति की थी. अनिल टाइगर कांके इलाके के ही रहने वाले थे. वो कोकर में चड्डा पेट्रोल पंप के पास रहते थे. कांके महावीर मंडल का दो दिन पहले ही अनिल टाइगर को अध्यक्ष बनाया गया था. अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में बीजेपी और आजसू के द्वारा 27 मार्च को रांची बंद बुलाया गया है.
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