
करीबन 3 साल पहले “अखिल भारत हिन्दू महासभा” के सदस्यों, साधु संतो मिलकर आवाज उठाई थी और विज्ञापन वहां के प्रशासन को सोपा था की मुजफ्फरनगर का नाम बदलके “लक्ष्मी नगर” किया जाये उस बात को लेकर फिरसे मंगलवार को भाजपा के मोहित बेनीवाल ने मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर “लक्ष्मी नगर” करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह बदलाव हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के लिए आवश्यक है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का हवाला
बेनीवाल ने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक गौरव, सभ्यता के पुनर्जागरण और ऐतिहासिक सत्य की पुनर्स्थापना का संकल्प है। उन्होंने महाभारत काल का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी जिले के शुक्रताल में राजा परीक्षित ने ऋषि शुकदेव से भागवत पुराण का ज्ञान प्राप्त किया था।
मुगल शासक के नाम से जुड़ा होना अनुचित?
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह उचित है कि एक पवित्र भूमि का नाम किसी मुगल शासक, मुजफ्फर अली, के नाम पर रखा जाए? उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कृषि, व्यापार और आर्थिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है और गुड़ की मिठास से जुड़ा हुआ है।
यह नाम आर्थिक विकास का प्रतीक
बेनीवाल का कहना है कि “लक्ष्मी नगर” नाम इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को दर्शाएगा। यह परिवर्तन गंगा के निर्मल प्रवाह की तरह होगा, जो इस भूमि की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भारत की ग्रामीण संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा, “दिव्यलोक से अधिक सुंदर है भारत का गांव। गर्व से कहो – यह मेरा भारत है!”



